लाल मिर्च और नेज़ल पॉलिप्स

लाल मिर्च?‌ क्या इसका इस्तेमाल सिर्फ खाने में तड़का लगाने तक ही सीमित है?

इस ब्लॉग में जानिए कैसे लाल मिर्च नेज़ल पॉलिप्स में फयदेमंद साबित हो सकती है |

नेज़ल पॉलिप्स या नाक के जंतु नरम, दर्द रहित (जिनमे दर्द नही होता), गैर- कैंसरयुक्त होते हैं | इसको आमतौर पे नाक का माज़ बड़ना भी कहते हैं | यह हमारे नाक या साइनस की परत में बदते हैं | यह अकसर झुंड में पाए जाते हैं, और अंगूरों और उनके तनो के जैसे दिखाई पड़ते हैं |

नेज़ल पॉलिप्स आमतौर पर नेज़ल या नाक में एलर्जी, अस्थमा, एस्पिरिन एलर्जी (एक प्रकार की दवाई जो आमतौर पर दर्द और सूजन के लिए दी जाती है),तथा साइनसाइटिस के कारणों से हो सकते है | बहती या भारी हुई नाक, चेहरे में भारीपन या दर्द महसूस होना तथा साँस लेने में तकलीफ़, यह सब नेज़ल पॉलिप्स के मुख्य लक्षण हैं |

सदियों से, हर बीमारी के लिए घरेलू उपचार ही श्रेष्ठ इलग माने गये हैं | एशियन देशों में इन घरेलू उपचारों को काफ़ी महत्वपूर्ण माना गया है | इन उपचारों से नेज़ल पॉलिप्स कम नही होते लेकिन उनके लक्षणों में काफ़ी सुधार आ सकता है | इस ब्लॉग में कुछ महत्वपूर्ण घरेलू उपचार शामिल है जैसे की,

  1. लाल मिर्च:

लाल मिर्च में कॅप्सेसिन मौजूद होता है, जो हमारी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है, ताकि साइनस इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिले | लाल मिर्च नाक के मोटे और आसानी से ना निकलने वाले बलगम को तोड़ने में भी मदद करता है |

लाल मिर्च में सूजन और जलन कम करने, तथा एंटीबॅक्टीरियल (बॅक्टीरिया को मारने या बढ़ने से रोकने) की शमता होती है |

लाल मिर्च को कैसे इस्तेमाल करें?

आप चाहें तो लाल मिर्च को आपने रोज़ के खाने में शामिल कर सकते है |

कुछ लोग इसको सलाद के रूप में भी लेते है |

लाल मिर्च की चाय भी काफ़ी लाभदायक होती है |

लाल मिर्च को गरम पानी में डाल के भाप लेने से भी नेज़ल पॉलिप्स में काफ़ी आराम मिल सकता है |

आजकल तो लाल मिर्च के नेज़ल स्प्रे भी आ गये है |

  1. टी ट्री औयल:

टी ट्री औयल में सूजन और जलन कम करने तथा एंटीबॅक्टीरियल की शमता होती है | इन्हीं कारणों से इस तेल का इस्तेमाल नेज़ल पॉलिप्स में किया जाता है | यह नाक के मास की सूजन कम करने में काफ़ी असरदार होता है | 

टी ट्री औयल को कैसे इस्तेमाल करें?

गरम पानी में २-३ बूँद टी ट्री औयल लें और ५-१० मिनट तक भाप लें |

आप चाहें तो एक कटोरी में २०-३० बूँद नारियल, बदाम या जेतुन का  तेल लें सकते हैं और उसमें २-३ बूँद टी ट्री औयल के मिले लें | एक छोटा सा रुई का गोला लें और उसको इस तेल के मिश्रण में डुबा कर के नाक में जहाँ पॉलिप्स हैं वहाँ ५-१० मिनट तक रख दें |

  1. गरम पानी में भाप:

गरम पानी, नाक के बलगम को तोड़ने में मदद करता है | भाप लेते वक़्त सावधान रहें, ज़्यादा पास से भाप लेने से आपकी नाक जल सकती है | आप चाहें तो गरम पानी से नहा सकते है या ह्युमिडिफायर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं|

  1. बटरबर:

बटरबर एक घरेलू औषधिक उपचार है | यह एलर्जी, नाक के बलगम, अस्थमा के लक्षण, नाक के मास, साइनसाइटिस, तथा माइग्रेन को कम करने में मदद करका है | आमतौर पर इसका इस्तेमाल होता है, लेकिन इससे थकान, पेट की समस्या (जैसे मतली, उल्टी, या पेट खराब), साँस लेने में तकलीफ़ या नींद की समस्या भी हो सकती है|

  1. नेति क्रिया:

नेति क्रिया एक पारंपरिक और सदियों से की जा रही एक प्रक्रिया है | यह हमारे नाक और साइनसस को साफ़ रखने में काफ़ी लाभदायक है| नेति क्रिया के लिए पहले से उबले और ठंडे किए हुए पानी में चुटकी भर नमक डाल के यह क्रिया करें |

 

 

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